स्वप्न शास्त्र
सपनों का अर्थ: पुराणों से लेकर लोक-मान्यताओं तक, परंपरा क्या कहती है।
सपने में भगवान और मंदिर देखना: स्वप्न शास्त्र
सपने में देवी-देवता, मंदिर और पवित्र वस्तुएं देखने का पारंपरिक अर्थ
स्वप्न शास्त्र में देवी-देवताओं, मंदिर, गुरु और पवित्र वस्तुओं के शांत और कृपालु दर्शन को सामान्यतः शुभ माना गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण शिवलिंग को विजय से, और लक्ष्मी, दुर्गा या सरस्वती के दर्शन को सौभाग्य से जोड़ता है। क्रोधित या असहज रूप में दिखे देवता को डर का नहीं, आत्म-चिंतन का संकेत माना गया है।
सपने में जानवर और पक्षी देखना: स्वप्न शास्त्र
सांप, गाय, हाथी, बंदर, कुत्ता, शेर, मोर और अन्य जीवों के सपनों का अर्थ
स्वप्न शास्त्र में गाय, हाथी, घोड़ा और बैल सबसे शुभ जीवों में गिने गए हैं, जबकि गधे या ऊंट की सवारी पारंपरिक रूप से अशुभ है। सांप का सपना अपेक्षा से अधिक सकारात्मक है: ब्रह्मवैवर्त पुराण सांप देखने और सांप के काटने तक को धन से जोड़ता है। जानवरों के कई अर्थ संदर्भ पर निर्भर हैं, और ग्रंथों में कभी-कभी मतभेद भी है।
सपने में शादी, मृत्यु, पितर और लोग देखना: स्वप्न शास्त्र
विवाह, शिशु, पितर, अपनों और मृत्यु के सपनों का पारंपरिक अर्थ, संवेदनशीलता के साथ
स्वप्न शास्त्र लोगों से जुड़े सपनों को अक्सर अप्रत्याशित ढंग से पढ़ता है। अग्नि पुराण अपनी मृत्यु देखने को शुभ और विवाह को अशुभ स्वप्न मानता है, ब्रह्मवैवर्त पुराण शव देखने को लंबी आयु से जोड़ता है, और प्रसन्न पितरों को आशीर्वाद माना जाता है। इनमें से कोई भी भविष्यवाणी नहीं है। खोने के सपने अक्सर बस प्रेम और चिंता को दिखाते हैं।
सपने में प्रकृति, पानी और आग देखना: स्वप्न शास्त्र
पानी, बारिश, आग, सूरज, चांद, नदी, पहाड़ और पेड़ के सपनों का पारंपरिक अर्थ
स्वप्न शास्त्र प्रकृति के उजले, निर्मल और जीवनदायी दृश्यों को अधिकतर शुभ मानता है। अग्नि और ब्रह्मवैवर्त पुराण में साफ पानी, निर्मल आकाश, जलती लपटें, सूर्य-चंद्रमा, पहाड़ पर चढ़ना और फलों से लदे पेड़ समृद्धि के संकेत हैं। गंदा पानी, टूटते तारे, राख, कटता पेड़ और धारा में बह जाना सावधानी के संकेत माने गए हैं।
सपने में सोना, पैसा, दांत, घर देखना: स्वप्न शास्त्र
सोना, पैसा, दांत टूटना, घर, ट्रेन, भोजन और अन्य वस्तुओं के सपनों का पारंपरिक अर्थ
स्वप्न शास्त्र सोना, मोती और चंदन जैसी कीमती वस्तुओं, और खीर, दही, दूध, घी जैसे सात्त्विक भोजन को समृद्धि से जोड़ता है। तेल, नमक, टूटे बर्तन और गिरते घर को सावधानी का संकेत माना गया है। ब्रह्मवैवर्त पुराण दांत टूटने को स्वास्थ्य और धन के प्रति सजग रहने की याद मानता है। ट्रेन और नोट जैसी आधुनिक वस्तुएं शास्त्रीय ग्रंथों में हैं ही नहीं।
स्वप्न शास्त्र क्या है?
वेदों से पुराणों तक, सपनों को पढ़ने की भारतीय परंपरा
स्वप्न शास्त्र सपनों का अर्थ समझने की प्राचीन भारतीय परंपरा है। इसकी जड़ें अथर्ववेद और उसके परिशिष्टों, अग्नि, मत्स्य और ब्रह्मवैवर्त पुराण के स्वप्न-अध्यायों तथा आयुर्वेद में हैं। इसके अनुसार कुछ स्वप्न आने वाले समय के संकेत होते हैं, और रात के किस प्रहर में स्वप्न आया, इससे तय होता है कि फल कितनी जल्दी मिलेगा। वहीं उपनिषद स्वप्न को चेतना की एक अवस्था के रूप में समझाते हैं।